ज्वालामुखी के प्रकार || Types of volcanoes || भूगोल

दोस्तों आज हम भूगोल के अंतर्गत ज्वालामुखी के प्रकार पढेंगे 

ज्वालामुखी के प्रकार

1. सक्रीय या जाग्रत ज्वालामुखी- वे ज्वालामुखी जिनमें अक्सर लावा धूल, धुआँ, वाष्प, गैंसे ,

राख, चट्टान खण्ड का उद्गार होता रहता हैं, सक्रिय ज्वालामुखी कहलाते है। वर्तमान में लगभग

500 ज्वालामुखी सक्रिय हैं।

मुख्य ज्वालामुखी निम्न हैं-

  • स्ट्राम्बोली (लेपारीद्वीप, इटली)- भूमध्य सागर का प्रकाश स्तम्भ।
  • मोनालोवा (हवाईद्वीप)-
  • ओजसडलसलाडो- अर्जेन्टिना व चिली देश की सीमा पर स्थित यह ज्वालामुखी संसार का सर्वाधिक ऊँचाई पर स्थित ज्वालामुखी है।
  • कोटोपैक्सी (इक्वेडोर)- विश्व का सबसे ऊँचा (एण्डिज पर्वत पर) सक्रिय ज्वालामुखी।
  • माउंट इरेबस अंटार्कटिका महाद्वीप का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी।
  • बैरनद्वीप- भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी अंडमान निकोबार में है।

2. प्रसुप्त/ सुषुप्त ज्वालामुखी- वे ज्वालामुखी जिनमें काफी समय से उद्गार नहीं हुआ हो परन्तु भविष्य में होने की सम्भावना हो।

उदाहरण- विसुवियस (इटली), क्राकाटोओ (इन्डोनेशिया), नारकोंडम (भारत), फ्यूजीयामा (जापान)

3. मृत/शांत ज्वालामुखी- वे ज्वालामुखी जिनमें काफी समय से उद्गार नहीं हुआ है और ना ही भविष्य में होने की सम्भावना है।

उदाहरण- किलिमंजारो (किनीपा)- अफ्रीका की सबसे ऊँची चोटी। चिम्बाराजो (इक्वेडोर)- विश्व का सबसे ऊँची मृत ज्वालामुखी। कोहेसुल्तान देवमंद (ईरान), माउण्ट पोपा (म्यांमार), नारकोन्डम (अण्डमान निकोबार द्वीप समूह)।

सबसे ऊँचा ज्वालामुखी ’एकान्कागुहा’ (चीली) 6960 मीटर है।

दक्षिण अमेरिका/एंडीज

पर्वतमाला की सबसे लम्बी चोटी है।

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