अंतिम संशोधित (Last Updated): October 21, 2026
चंपारण सत्याग्रह (1917) बिहार के चंपारण ज़िले में तिनकठिया प्रणाली के विरुद्ध गांधीजी के नेतृत्व में हुआ किसान आंदोलन था। इसे भारत में गांधीजी का पहला सत्याग्रह माना जाता है। राजकुमार शुक्ल के आग्रह पर गांधीजी वहाँ पहुँचे। चंपारण कृषि समिति की सिफारिश पर चंपारण एग्रेरियन एक्ट 1918 बना और तिनकठिया प्रणाली समाप्त हुई।
चंपारण सत्याग्रह UPSC, RAS, SSC, REET और सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछा जाता है। नीचे कारण, घटनाक्रम, समिति, परिणाम, महत्व, ट्रिक, MCQ और FAQ हैं।

📌 चंपारण सत्याग्रह एक नज़र में
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| वर्ष | 1917 (गांधीजी का आगमन 15 अप्रैल 1917, मोतिहारी) |
| स्थान | चंपारण, उत्तरी बिहार |
| नेतृत्व | महात्मा गांधी |
| प्रेरक किसान नेता | राजकुमार शुक्ल |
| कारण | तिनकठिया प्रणाली: प्रति बीघा 3 कट्ठे पर नील की जबरन खेती |
| जाँच समिति | चंपारण कृषि समिति (अध्यक्ष: सर फ्रैंक स्लाई; गांधीजी सदस्य) |
| परिणाम | तिनकठिया प्रणाली समाप्त; अवैध वसूली का 25% लौटाया गया; चंपारण एग्रेरियन एक्ट 1918 |
🌿 तिनकठिया प्रणाली क्या थी?
चंपारण के किसानों को यूरोपीय नील-बागान मालिकों (नीलहों) से हुए अनुबंध के तहत अपनी ज़मीन के 3/20 भाग (20 कट्ठा = 1 बीघा; यानी 3 कट्ठा प्रति बीघा) पर नील उगाना पड़ता था। नील का भाव मालिक तय करते थे। किसान को इससे मुक्ति के लिए भारी “तावान” और “शरहबेशी” (बढ़ा लगान) देना पड़ता था।
- नील की खेती से ज़मीन की उर्वरता घटती थी।
- किसान को अपनी उपज का भाव तय करने का अधिकार नहीं था।
- बेगार, मनमानी वसूली और जुर्माने का बोझ।
- जर्मनी के कृत्रिम रंगों के कारण नील का बाज़ार गिरा, तो मालिकों ने नुकसान किसानों पर डाला।
🗓️ घटनाक्रम
| तिथि | घटना |
|---|---|
| दिसंबर 1916 | कांग्रेस के लखनऊ अधिवेशन में राजकुमार शुक्ल की गांधीजी से भेंट; चंपारण आने का आग्रह |
| फरवरी–मार्च 1917 | शुक्ल का पत्र (पीर मुहम्मद मुनिश द्वारा लिखित) और बार-बार निमंत्रण |
| 10 अप्रैल 1917 | गांधीजी कलकत्ता से पटना पहुँचे |
| अप्रैल 1917 | मुजफ्फरपुर में कृपलानी ने स्वागत किया; राजेंद्र प्रसाद से भेंट; नील-मालिकों के संघ ने सहयोग नहीं दिया |
| 15 अप्रैल 1917 | गांधीजी मोतिहारी पहुँचे |
| 16–18 अप्रैल 1917 | ज़िला प्रशासन ने चंपारण छोड़ने का आदेश (धारा 144) दिया; गांधीजी ने न मानकर सविनय अवज्ञा की; मुकदमा वापस लिया गया |
| जून–अक्टूबर 1917 / 1918 | चंपारण कृषि समिति गठित; रिपोर्ट अक्टूबर 1917 में दी गई; 1918 में चंपारण एग्रेरियन एक्ट पारित |
गांधीजी ने किसानों के लगभग 8,000 बयान दर्ज करवाए (सहयोगी: राजेंद्र प्रसाद, ब्रजकिशोर प्रसाद, महादेव देसाई, नरहरि पारेख, जे.बी. कृपलानी, अनुग्रह नारायण सिन्हा, मज़हरुल हक़ आदि)। तथ्य-संग्रह, स्वच्छता, गाँव में स्कूल और स्वास्थ्य के रचनात्मक कार्य भी चले।
📈 परिणाम और महत्व
- तिनकठिया प्रणाली समाप्त; किसानों को नील की जबरन खेती से मुक्ति।
- अवैध वसूली का 25% किसानों को लौटाया गया; बढ़ा लगान घटाया गया।
- भारत में सत्याग्रह और सविनय अवज्ञा का पहला प्रयोग।
- किसान-समस्या को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान।
- गांधीजी की जन-नेता के रूप में स्थापना; आगे खेड़ा सत्याग्रह और अहमदाबाद मिल-मज़दूर आंदोलन (1918) के रास्ते खुले।
- परंपरा में कहा जाता है कि रवींद्रनाथ टैगोर ने गांधीजी को “महात्मा” कहा; इसके समय पर मतभेद है।
आगे पढ़ें: खेड़ा सत्याग्रह, जलियाँवाला बाग हत्याकांड, असहयोग आंदोलन, साइमन कमीशन, सरदार वल्लभभाई पटेल और स्वतंत्रता आंदोलन के प्रश्न।
📝 अभ्यास प्रश्न (MCQ)
पहले खुद उत्तर सोचिए, फिर “उत्तर देखें” पर क्लिक कीजिए।
(2) 1917
(3) 1918
(4) 1920
👉 उत्तर देखें
अप्रैल 1917 में गांधीजी चंपारण पहुँचे।
(2) 3/20
(3) 5/20
(4) 10/20
👉 उत्तर देखें
प्रति बीघा 3 कट्ठे (20 कट्ठा = 1 बीघा) पर।
(A) राजकुमार शुक्ल ने गांधीजी को आमंत्रित किया।
(B) चंपारण कृषि समिति के सदस्य गांधीजी भी थे।
(C) 1918 में चंपारण एग्रेरियन एक्ट पारित हुआ।
(D) यह आंदोलन असहयोग आंदोलन के बाद हुआ।
(2) केवल A, B और C
(3) केवल B, C और D
(4) A, B, C और D सभी
👉 उत्तर देखें
D गलत है; चंपारण (1917) असहयोग (1920) से पहले हुआ।
कारण (R): यहाँ पहली बार उन्होंने सविनय अवज्ञा और सत्य-आग्रह का प्रयोग किसानों के पक्ष में किया।
(2) A और R दोनों सही, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
(3) A सही, R गलत
(4) A गलत, R सही
👉 उत्तर देखें
आदेश न मानकर अहिंसक सविनय अवज्ञा का प्रयोग चंपारण में हुआ।
| सूची I | सूची II |
|---|---|
| (A) चंपारण सत्याग्रह | (I) 1917 |
| (B) अहमदाबाद मिल आंदोलन | (II) 1918 |
| (C) खेड़ा सत्याग्रह | (III) 1918 |
| (D) असहयोग आंदोलन | (IV) 1920 |
(2) A-II, B-I, C-III, D-IV
(3) A-I, B-II, C-IV, D-III
(4) A-IV, B-III, C-II, D-I
👉 उत्तर देखें
चारों मिलान सही हैं।
(A) खेड़ा सत्याग्रह
(B) चंपारण सत्याग्रह
(C) असहयोग आंदोलन
(D) रौलट सत्याग्रह
(2) A, B, D, C
(3) B, D, A, C
(4) B, A, C, D
👉 उत्तर देखें
1917 → 1918 → 1919 → 1920।
❓ चंपारण सत्याग्रह पर सवाल-जवाब (FAQ)

एम.ए., बी.एड. (नेट हिंदी), कॉलेज व्याख्याता, श्रीगंगानगर (राजस्थान)। हिंदी साहित्य चैनल के संचालक।
