अंतिम संशोधित (Last Updated): October 21, 2026
⚡ संक्षिप्त उत्तर
धन विधेयक (अनुच्छेद 110) में केवल कर, उधार, संचित निधि जैसे वित्तीय विषय होते हैं। इसे सिर्फ़ लोकसभा में, राष्ट्रपति की सिफारिश से पेश किया जाता है; राज्यसभा केवल 14 दिन में सिफारिशें दे सकती है और संयुक्त बैठक नहीं होती। वित्त विधेयक (अनुच्छेद 117) व्यापक है, उसमें वित्तीय मामलों के साथ अन्य विषय भी हो सकते हैं। हर धन विधेयक वित्त विधेयक होता है, पर हर वित्त विधेयक धन विधेयक नहीं।
धन विधेयक (अनुच्छेद 110) में केवल कर, उधार, संचित निधि जैसे वित्तीय विषय होते हैं। इसे सिर्फ़ लोकसभा में, राष्ट्रपति की सिफारिश से पेश किया जाता है; राज्यसभा केवल 14 दिन में सिफारिशें दे सकती है और संयुक्त बैठक नहीं होती। वित्त विधेयक (अनुच्छेद 117) व्यापक है, उसमें वित्तीय मामलों के साथ अन्य विषय भी हो सकते हैं। हर धन विधेयक वित्त विधेयक होता है, पर हर वित्त विधेयक धन विधेयक नहीं।
📜
अनु. 110
धन विधेयक की परिभाषा
🏛️
अनु. 109
धन विधेयक की प्रक्रिया
📑
अनु. 117
वित्त विधेयक
⏱️
14 दिन
राज्यसभा की समय-सीमा
यह विषय UGC NET, RPSC, UPSC और राज्य PCS में बार-बार पूछा जाता है। नीचे दोनों विधेयकों की तुलना तालिका, वित्त विधेयक के दो प्रकार, याद रखने की ट्रिक, MCQ और FAQ दिए गए हैं।
⚖️ धन विधेयक और वित्त विधेयक में अंतर (तुलना तालिका)
| आधार | धन विधेयक (Money Bill) | वित्त विधेयक (Finance Bill) |
|---|---|---|
| प्रक्रिया का अनुच्छेद | अनुच्छेद 109 (राज्यसभा में प्रक्रिया) | अनुच्छेद 117 |
| परिभाषा | अनुच्छेद 110 में गिनाए विषय ही | अनुच्छेद 110 के विषय + अन्य विषय भी |
| क्षेत्र | सीमित | व्यापक |
| आपसी संबंध | हर धन विधेयक वित्त विधेयक होता है | हर वित्त विधेयक धन विधेयक नहीं होता |
| कहाँ पेश | केवल लोकसभा में | श्रेणी-1: केवल लोकसभा; श्रेणी-2: किसी भी सदन में |
| राष्ट्रपति की सिफारिश | पेश करने के लिए अनिवार्य | श्रेणी-1: पेश करने के लिए अनिवार्य; श्रेणी-2: पेश करने के लिए नहीं, विचार के लिए अनिवार्य |
| राज्यसभा की भूमिका | केवल सिफारिश; 14 दिन में लौटाना | श्रेणी-1: साधारण विधेयक जैसी (पारित/अस्वीकृत/संशोधन कर सकती है) |
| लोकसभा की बाध्यता | राज्यसभा की सिफारिश माने या न माने | साधारण विधेयक जैसी |
| संयुक्त बैठक | नहीं होती | गतिरोध पर बुलाई जा सकती है |
| प्रमाणन | लोकसभा अध्यक्ष धन विधेयक प्रमाणित करता है (अनु. 110(3)) | ऐसा प्रमाणन नहीं |
| राष्ट्रपति की भूमिका | अनुमति दे या रोके; पुनर्विचार के लिए नहीं लौटा सकता | पुनर्विचार के लिए लौटा सकता है |
🧩 वित्त विधेयक के दो प्रकार
| श्रेणी | अनुच्छेद | विशेषता |
|---|---|---|
| वित्त विधेयक-I | 117(1) | इसमें अनु. 110 के विषय के साथ अन्य विषय भी होते हैं। केवल लोकसभा में, राष्ट्रपति की सिफारिश से पेश होता है; आगे साधारण विधेयक जैसी प्रक्रिया। |
| वित्त विधेयक-II | 117(3) | संचित निधि से व्यय वाले प्रावधान। किसी भी सदन में पेश हो सकता है; सिफारिश केवल विचार के चरण पर चाहिए। राज्यसभा इसे अस्वीकार कर सकती है। |
🧠 याद रखने की ट्रिक: 110 = परिभाषा, 109 = धन विधेयक की प्रक्रिया, 117 = वित्त विधेयक। धन विधेयक में राज्यसभा की भूमिका सबसे कमज़ोर है।
📚 बजट से संबंध: वार्षिक वित्त विधेयक और धन विधेयक
- अनुच्छेद 112 के अनुसार राष्ट्रपति हर वर्ष संसद में वार्षिक वित्तीय विवरण (बजट) रखवाता है।
- बजट के साथ पेश होने वाला वित्त विधेयक आम तौर पर कर प्रस्तावों को लागू करता है; इसका स्वरूप धन विधेयक का होता है, जब उसमें केवल अनु. 110 के विषय हों।
- व्यय के लिए अनुच्छेद 114 के तहत विनियोग विधेयक पारित किया जाता है, जो धन विधेयक है।
- धन विधेयक है या नहीं, इस पर लोकसभा अध्यक्ष का निर्णय अंतिम माना गया है। देखें लोकसभा अध्यक्ष की सूची और शक्तियाँ।
- आधार (Aadhaar) अधिनियम 2016 को धन विधेयक के रूप में पारित किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में बहुमत से इसे वैध माना, पर इस पर असहमति भी रही।
संविधान के सभी अनुच्छेद एक जगह पढ़ने के लिए भारतीय संविधान के अनुच्छेद देखें। राष्ट्रपति की शक्तियाँ समझने के लिए राष्ट्रपति की वीटो शक्ति पढ़ें।
📚 यह भी पढ़ें
🔗 आधिकारिक स्रोत: Union Budget, भारत सरकार (आधिकारिक वेबसाइट)
📝 अभ्यास प्रश्न (MCQ)
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प्रश्न 1. धन विधेयक को परिभाषित करने वाला अनुच्छेद कौन-सा है?
(1) अनुच्छेद 108
(2) अनुच्छेद 109
(3) अनुच्छेद 110
(4) अनुच्छेद 117
(2) अनुच्छेद 109
(3) अनुच्छेद 110
(4) अनुच्छेद 117
👉 उत्तर देखें
उत्तर: (3) अनुच्छेद 110
अनुच्छेद 110 धन विधेयक की परिभाषा देता है। अनु. 109 उसकी प्रक्रिया बताता है।
अनुच्छेद 110 धन विधेयक की परिभाषा देता है। अनु. 109 उसकी प्रक्रिया बताता है।
प्रश्न 2. धन विधेयक को राज्यसभा कितने दिन में लौटाती है?
(1) 7 दिन
(2) 14 दिन
(3) 30 दिन
(4) 6 माह
(2) 14 दिन
(3) 30 दिन
(4) 6 माह
👉 उत्तर देखें
उत्तर: (2) 14 दिन
राज्यसभा 14 दिन में सिफारिश सहित या रहित लौटाती है; न लौटाने पर वह दोनों सदनों से पारित माना जाता है।
राज्यसभा 14 दिन में सिफारिश सहित या रहित लौटाती है; न लौटाने पर वह दोनों सदनों से पारित माना जाता है।
प्रश्न 3. धन विधेयक और वित्त विधेयक के बारे में कथन:
(A) हर धन विधेयक वित्त विधेयक होता है।
(B) धन विधेयक में संयुक्त बैठक नहीं होती।
(C) धन विधेयक राज्यसभा में पेश नहीं हो सकता।
(D) धन विधेयक को राष्ट्रपति पुनर्विचार के लिए लौटा सकता है।
(A) हर धन विधेयक वित्त विधेयक होता है।
(B) धन विधेयक में संयुक्त बैठक नहीं होती।
(C) धन विधेयक राज्यसभा में पेश नहीं हो सकता।
(D) धन विधेयक को राष्ट्रपति पुनर्विचार के लिए लौटा सकता है।
(1) केवल A और B
(2) केवल A, B और C
(3) केवल B, C और D
(4) A, B, C और D सभी
(2) केवल A, B और C
(3) केवल B, C और D
(4) A, B, C और D सभी
👉 उत्तर देखें
उत्तर: (2) केवल A, B और C
D गलत है, क्योंकि राष्ट्रपति धन विधेयक को पुनर्विचार के लिए नहीं लौटा सकता। A, B और C सही हैं।
D गलत है, क्योंकि राष्ट्रपति धन विधेयक को पुनर्विचार के लिए नहीं लौटा सकता। A, B और C सही हैं।
प्रश्न 4. कथन I: धन विधेयक पर संयुक्त बैठक का प्रावधान नहीं है।
कथन II: धन विधेयक पर अंतिम शक्ति लोकसभा के पास है।
कथन II: धन विधेयक पर अंतिम शक्ति लोकसभा के पास है।
(1) दोनों सही और II, I की सही व्याख्या है
(2) दोनों सही, पर II, I की सही व्याख्या नहीं है
(3) I सही, II गलत
(4) I गलत, II सही
(2) दोनों सही, पर II, I की सही व्याख्या नहीं है
(3) I सही, II गलत
(4) I गलत, II सही
👉 उत्तर देखें
उत्तर: (1) दोनों सही और II, I की सही व्याख्या है
चूँकि राज्यसभा केवल सिफारिश दे सकती है और लोकसभा उन्हें मानने या न मानने को स्वतंत्र है, इसलिए गतिरोध ही नहीं बनता और संयुक्त बैठक की ज़रूरत नहीं पड़ती।
चूँकि राज्यसभा केवल सिफारिश दे सकती है और लोकसभा उन्हें मानने या न मानने को स्वतंत्र है, इसलिए गतिरोध ही नहीं बनता और संयुक्त बैठक की ज़रूरत नहीं पड़ती।
प्रश्न 5. सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए:
| सूची I (अनुच्छेद) | सूची II (विषय) |
|---|---|
| (A) अनुच्छेद 109 | (I) वित्त विधेयक |
| (B) अनुच्छेद 110 | (II) वार्षिक वित्तीय विवरण |
| (C) अनुच्छेद 112 | (III) धन विधेयक की परिभाषा |
| (D) अनुच्छेद 117 | (IV) धन विधेयक की प्रक्रिया |
(1) A-IV, B-III, C-II, D-I
(2) A-III, B-IV, C-II, D-I
(3) A-IV, B-III, C-I, D-II
(4) A-I, B-II, C-III, D-IV
(2) A-III, B-IV, C-II, D-I
(3) A-IV, B-III, C-I, D-II
(4) A-I, B-II, C-III, D-IV
👉 उत्तर देखें
उत्तर: (1) A-IV, B-III, C-II, D-I
109 प्रक्रिया, 110 परिभाषा, 112 बजट (वार्षिक वित्तीय विवरण), 117 वित्त विधेयक।
109 प्रक्रिया, 110 परिभाषा, 112 बजट (वार्षिक वित्तीय विवरण), 117 वित्त विधेयक।
प्रश्न 6. धन विधेयक के पारित होने के चरणों को सही क्रम में लगाइए:
(A) लोकसभा में पारित
(B) राष्ट्रपति की अनुमति
(C) राज्यसभा द्वारा 14 दिन में सिफारिशें
(D) लोकसभा में पेश (राष्ट्रपति की सिफारिश से)
(A) लोकसभा में पारित
(B) राष्ट्रपति की अनुमति
(C) राज्यसभा द्वारा 14 दिन में सिफारिशें
(D) लोकसभा में पेश (राष्ट्रपति की सिफारिश से)
(1) D, A, C, B
(2) A, D, C, B
(3) D, C, A, B
(4) A, C, D, B
(2) A, D, C, B
(3) D, C, A, B
(4) A, C, D, B
👉 उत्तर देखें
उत्तर: (1) D, A, C, B
पहले लोकसभा में पेश (D), फिर वहाँ पारित (A), फिर राज्यसभा की सिफारिशें (C), अंत में राष्ट्रपति की अनुमति (B)।
पहले लोकसभा में पेश (D), फिर वहाँ पारित (A), फिर राज्यसभा की सिफारिशें (C), अंत में राष्ट्रपति की अनुमति (B)।
❓ धन विधेयक और वित्त विधेयक: सवाल-जवाब (FAQ)
1. धन विधेयक और वित्त विधेयक में मुख्य अंतर क्या है?
धन विधेयक में केवल अनुच्छेद 110 के वित्तीय विषय होते हैं, जबकि वित्त विधेयक में उनके साथ अन्य विषय भी हो सकते हैं। धन विधेयक में राज्यसभा की भूमिका सीमित है।
2. धन विधेयक कौन प्रमाणित करता है?
लोकसभा अध्यक्ष किसी विधेयक को धन विधेयक प्रमाणित करता है, और उसका निर्णय अंतिम माना जाता है (अनुच्छेद 110(3))।
3. क्या राज्यसभा धन विधेयक रोक सकती है?
नहीं। राज्यसभा केवल 14 दिन में सिफारिशें दे सकती है; लोकसभा उन्हें माने या न माने, विधेयक पारित माना जाता है।
4. क्या राष्ट्रपति धन विधेयक लौटा सकता है?
नहीं। राष्ट्रपति धन विधेयक को पुनर्विचार के लिए नहीं लौटा सकता, वह अनुमति दे सकता है या रोक सकता है।
5. क्या हर वित्त विधेयक धन विधेयक होता है?
नहीं। हर धन विधेयक वित्त विधेयक होता है, पर हर वित्त विधेयक धन विधेयक नहीं होता।

केवल कृष्ण घोड़ेला
एम.ए., बी.एड. (नेट हिंदी), कॉलेज व्याख्याता, श्रीगंगानगर (राजस्थान)। हिंदी साहित्य चैनल के संचालक।
एम.ए., बी.एड. (नेट हिंदी), कॉलेज व्याख्याता, श्रीगंगानगर (राजस्थान)। हिंदी साहित्य चैनल के संचालक।