स्टर्नबर्ग का त्रितंत्र बुद्धि सिद्धांत: 3 प्रकार की बुद्धि और ट्रिक | Sternberg Triarchic Theory in Hindi

अंतिम संशोधित (Last Updated): October 21, 2026

⚡ संक्षिप्त उत्तर
स्टर्नबर्ग का त्रितंत्र (त्रिचापीय) बुद्धि सिद्धांत रॉबर्ट जे. स्टर्नबर्ग ने 1985 में दिया। इसके अनुसार बुद्धि तीन प्रकार की होती है: विश्लेषणात्मक (घटकीय), सृजनात्मक (अनुभवात्मक) और व्यावहारिक (संदर्भात्मक)। इसलिए केवल IQ से जीवन में सफलता का अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
👤
रॉबर्ट स्टर्नबर्ग
अमेरिकी मनोवैज्ञानिक
📅
1985
त्रितंत्र सिद्धांत
3️⃣
3 उप-सिद्धांत
घटकीय, अनुभवात्मक, संदर्भात्मक
🧠
सूचना प्रक्रमण
उपागम पर आधारित

स्टर्नबर्ग ने बुद्धि को एक ही क्षमता मानने की जगह तीन भागों में बाँटकर समझाया। UGC NET, REET, CTET और राजस्थान द्वितीय श्रेणी शिक्षक परीक्षाओं में यह सिद्धांत अक्सर पूछा जाता है।

Sternberg Ka Tritantra Buddhi Siddhant

🧠 स्टर्नबर्ग का त्रितंत्र बुद्धि सिद्धांत क्या है?

रॉबर्ट जे. स्टर्नबर्ग (Robert J. Sternberg) के अनुसार “बुद्धि वह योग्यता है जिससे व्यक्ति अपने वातावरण से अनुकूलन करता है, अपने और अपनी संस्कृति के लक्ष्यों के अनुसार वातावरण के कुछ पक्षों का चयन करता है और उन्हें बदलता है।” यह सिद्धांत सूचना प्रक्रमण उपागम का प्रतिनिधि सिद्धांत माना जाता है।

  • अन्य नाम: त्रिचापीय सिद्धांत, त्रिबुद्धि सिद्धांत, Triarchic Theory of Intelligence।
  • स्टर्नबर्ग ने बताया कि कम IQ वाला व्यक्ति भी सफल हो सकता है और ऊँचे IQ वाला व्यक्ति भी असफल।
  • हर व्यक्ति में तीनों प्रकार की बुद्धि होती है, पर अनुपात अलग-अलग होता है।
  • बाद में उन्होंने इसे सफल बुद्धि (Successful Intelligence) के रूप में विस्तार दिया।

🔺 तीन उप-सिद्धांत (तीन तंत्र)

उप-सिद्धांतअन्य नामकाममुख्य तत्व
विश्लेषणात्मक बुद्धिघटकीय (Componential)तर्क-वितर्क, समस्या-समाधान, विश्लेषणमेटा-घटक, निष्पादन घटक, ज्ञान-अर्जन घटक
सृजनात्मक बुद्धिअनुभवात्मक (Experiential)नए विचार, मौलिकता, नवाचारनवीनता, स्वचालन
व्यावहारिक बुद्धिसंदर्भात्मक (Contextual)वातावरण से तालमेल, व्यावहारिक सूझबूझअनुकूलन, चयन, आकार देना

1. विश्लेषणात्मक (घटकीय) बुद्धि

  • मेटा-घटक: योजना बनाना, निगरानी रखना और निर्णय लेना। इसे “उच्च-स्तरीय नियंत्रण” कहा जा सकता है।
  • निष्पादन घटक: योजना को लागू करने की क्रियाएँ।
  • ज्ञान-अर्जन घटक: नई जानकारी सीखना और याद रखना।
  • यह बुद्धि परीक्षणों (IQ tests) में सबसे अधिक मापी जाती है।

2. सृजनात्मक (अनुभवात्मक) बुद्धि

  • नवीनता: नई स्थिति या नए कार्य से निपटने की क्षमता।
  • स्वचालन: बार-बार किए गए काम को बिना सोचे आसानी से करना।
  • यह बुद्धि पूर्व अनुभव और ज्ञान से विकसित होती है और व्यक्ति को नए नियम व सिद्धांत बनाने में सक्षम करती है।

3. व्यावहारिक (संदर्भात्मक) बुद्धि

  • अनुकूलन: वातावरण के साथ तालमेल बिठाना।
  • चयन: यदि वातावरण ठीक नहीं है, तो नया वातावरण चुनना।
  • आकार देना: वातावरण को अपने अनुसार बदलना।
  • इसे “Street smart” या व्यावहारिक सूझबूझ भी कहा जाता है।
🧠 परीक्षा ट्रिक: “वि-सृ-व्य” = विश्लेषणात्मक (घटकीय), सृजनात्मक (अनुभवात्मक), व्यावहारिक (संदर्भात्मक)। संदर्भात्मक = अनुकूलन-चयन-आकार देना।

⚖️ गिलफोर्ड और स्टर्नबर्ग: अंतर

आधारगिलफोर्डस्टर्नबर्ग
सिद्धांतबुद्धि संरचना (SOI) सिद्धांतत्रितंत्र सिद्धांत
आधारकारक विश्लेषणसूचना प्रक्रमण
भाग3 आयाम (संक्रिया, विषयवस्तु, उत्पाद)3 उप-सिद्धांत (घटकीय, अनुभवात्मक, संदर्भात्मक)
कारक120 से 180मुख्यतः 3 प्रकार की बुद्धि

दोनों की तुलना करने के लिए गिलफोर्ड का बुद्धि सिद्धांत पढ़ें। सभी सिद्धांत एक जगह बुद्धि के सिद्धांत पोस्ट में हैं। सृजनात्मकता के लिए चिंतन और मापन के लिए बुद्धि परीक्षण देखें।

📝 अभ्यास प्रश्न (MCQ)

पहले खुद उत्तर सोचिए, फिर “उत्तर देखें” पर क्लिक कीजिए।

प्रश्न 1. त्रितंत्र (Triarchic) बुद्धि सिद्धांत के प्रतिपादक कौन हैं?
(1) गिलफोर्ड
(2) थर्स्टन
(3) स्टर्नबर्ग
(4) गार्डनर
👉 उत्तर देखें
उत्तर: (3) स्टर्नबर्ग
रॉबर्ट जे. स्टर्नबर्ग ने 1985 में यह सिद्धांत दिया।
प्रश्न 2. स्टर्नबर्ग के अनुसार “अनुकूलन, चयन और आकार देना” किस बुद्धि के तत्व हैं?
(1) विश्लेषणात्मक
(2) अनुभवात्मक
(3) संदर्भात्मक (व्यावहारिक)
(4) सामाजिक
👉 उत्तर देखें
उत्तर: (3) संदर्भात्मक (व्यावहारिक)
वातावरण से तालमेल बैठाने वाली बुद्धि संदर्भात्मक या व्यावहारिक कहलाती है।
प्रश्न 3. स्टर्नबर्ग के सिद्धांत के बारे में कथन:
(A) यह सूचना प्रक्रमण उपागम पर आधारित है।
(B) अनुभवात्मक बुद्धि में नवीनता और स्वचालन आते हैं।
(C) घटकीय बुद्धि में मेटा-घटक आता है।
(D) इसमें बुद्धि का केवल एक सामान्य कारक माना गया है।
(1) केवल A और B
(2) केवल A, B और C
(3) केवल B, C और D
(4) A, B, C और D सभी
👉 उत्तर देखें
उत्तर: (2) केवल A, B और C
D गलत है; यह सिद्धांत तीन प्रकार की बुद्धि मानता है, एक सामान्य कारक नहीं।
प्रश्न 4. कथन I: स्टर्नबर्ग के अनुसार ऊँचे IQ वाला व्यक्ति हर क्षेत्र में सफल होगा, यह ज़रूरी नहीं।
कथन II: सफलता में व्यावहारिक और सृजनात्मक बुद्धि की भी भूमिका होती है।
(1) दोनों सही और II, I की सही व्याख्या है
(2) दोनों सही, पर II, I की सही व्याख्या नहीं है
(3) I सही, II गलत
(4) I गलत, II सही
👉 उत्तर देखें
उत्तर: (1) दोनों सही और II, I की सही व्याख्या है
IQ मुख्यतः विश्लेषणात्मक बुद्धि मापता है; सफलता के लिए बाकी दो प्रकार भी ज़रूरी हैं।
प्रश्न 5. सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए:

सूची Iसूची II
(A) घटकीय(I) विश्लेषणात्मक बुद्धि
(B) अनुभवात्मक(II) सृजनात्मक बुद्धि
(C) संदर्भात्मक(III) व्यावहारिक बुद्धि
(D) मेटा-घटक(IV) योजना व निगरानी
(1) A-I, B-II, C-III, D-IV
(2) A-II, B-I, C-III, D-IV
(3) A-I, B-III, C-II, D-IV
(4) A-IV, B-III, C-II, D-I
👉 उत्तर देखें
उत्तर: (1) A-I, B-II, C-III, D-IV
घटकीय = विश्लेषणात्मक, अनुभवात्मक = सृजनात्मक, संदर्भात्मक = व्यावहारिक; मेटा-घटक का काम योजना और निगरानी है।
प्रश्न 6. स्टर्नबर्ग की संदर्भात्मक बुद्धि के तीन तत्वों को सही क्रम में लगाइए:
(A) आकार देना
(B) अनुकूलन
(C) चयन
(1) B, C, A
(2) A, B, C
(3) C, B, A
(4) B, A, C
👉 उत्तर देखें
उत्तर: (1) B, C, A
पहले अनुकूलन, फिर चयन और अंत में वातावरण को आकार देना।

❓ स्टर्नबर्ग के त्रितंत्र सिद्धांत पर सवाल-जवाब (FAQ)

1. स्टर्नबर्ग का त्रितंत्र बुद्धि सिद्धांत क्या है?
यह सिद्धांत बुद्धि को तीन प्रकार का मानता है: विश्लेषणात्मक (घटकीय), सृजनात्मक (अनुभवात्मक) और व्यावहारिक (संदर्भात्मक)।
2. स्टर्नबर्ग ने यह सिद्धांत कब दिया?
1985 में, अपनी पुस्तक Beyond IQ में।
3. घटकीय बुद्धि के कितने घटक होते हैं?
तीन: मेटा-घटक, निष्पादन घटक और ज्ञान-अर्जन घटक।
4. व्यावहारिक बुद्धि का क्या महत्व है?
यह व्यक्ति को अपने वातावरण से तालमेल बैठाने, उचित वातावरण चुनने और उसे अपने अनुसार बदलने में सक्षम बनाती है।
5. क्या कम IQ वाला व्यक्ति सफल हो सकता है?
हाँ। स्टर्नबर्ग के अनुसार सृजनात्मक और व्यावहारिक बुद्धि के बल पर कम IQ वाला व्यक्ति भी सफल हो सकता है।

केवल कृष्ण घोड़ेला

केवल कृष्ण घोड़ेला
एम.ए., बी.एड. (नेट हिंदी), कॉलेज व्याख्याता, श्रीगंगानगर (राजस्थान)। हिंदी साहित्य चैनल के संचालक।

लेखक: केवल कृष्ण घोड़ेला

एम.ए., बी.एड., नेट (हिंदी) | कॉलेज व्याख्याता, श्रीगंगानगर (राजस्थान) | संस्थापक, GK Hub

इस लेख की जानकारी पाठ्यपुस्तकों और आधिकारिक स्रोतों से मिलाकर लिखी गई है। कोई त्रुटि मिले तो हमें बताएँ | संपादकीय नीति | About Us

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