आज के आर्टिकल में हम राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (Ncert Full Form in Hindi) के बारे में विस्तार से समझेंगे ,आप इसे अच्छे से पढ़ें ।
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT)
राष्ट्रीय शिक्षा की रूपरेखा निर्माण की आवश्यकताओं पर ध्यान देते हुए माध्यमिक शिक्षा आयोग (1952-53) ने एक केन्द्रीय संगठन की अनुशंसा की जो शिक्षा सुधार के लिए अग्रणी होकर कार्य कर सकें। चूँकि उस समय शिक्षा राज्य का विषय था। अतः राज्यों से विमर्श के बाद यह तय किया गया कि कुछ केन्द्रीय अभिकरण राज्य में शिक्षा सुधार कार्यक्रमों का संचालन करेंगे।
लिहाजा, 1954 में केन्द्रीय शिक्षा संस्थान का विस्तार कर, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण के क्षेत्र में नेतृत्व करने के लिए निम्नलिखित विभागों की स्थापना की गई-
- केन्द्रीय पाठ्यपुस्तक एवं अनुसंधान ब्यूरो।
- केन्द्रीय शिक्षा एवं व्यवसायिक मार्गदर्शन ब्यूरो।
- बुनियादी शिक्षा राष्ट्रीय संस्थान।
- राष्ट्रीय आधारभूत शिक्षा संस्थान।
कालान्तर, में यह महससू किया गया कि उपर्युक्त संस्थान अपने वर्तमान स्वरूप में प्रभावी सिद्ध नहीं हो पा रहे है अतः एक ऐसी संस्था बनाई जाए जो अधिक सम्प्रभुता से कार्य कर सके। इसी क्रम में सितम्बर 1961 ई. में NCERT की स्थापना की गई।
इसकी अधीनता के तहत राज्यों में शिक्षा एवं अनुसंधान परिषदों की स्थापना की गयी। वर्तमान में परिषद् एक स्वायत्त संस्था के रूप में कार्यरत है। इस संस्थान की उपयोगिता के बारे में राष्ट्रीय शिक्षा आयोग ने कहा कि ’’यह सही समय पर सही दिशा में उठाया गया कदम है।’’
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद – Ncert Full Form in Hindi
N ⇒ National ⇒ राष्ट्रीय
C ⇒ Council ⇒ परिषद
E ⇒ Educational ⇒ शैक्षिक
R ⇒ Research ⇒ अनुसंधान
T ⇒ Training ⇒ प्रशिक्षण
राष्ट्रीय शैक्षिक अभिकरणों में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद एक प्रमुख संस्था है जो शिक्षा नीतियों और कार्यक्रम में प्रमुख भूमिका निभाती है। शिक्षा संबंधी शोध एवं नवीन मानकों के प्रयोग की पहल करना भी परिषद की बङी सफलता कही जा सकती है।
परिषद में उपर्युक्त सदस्यों के अलावा निम्न व्यक्ति भी शामिल होते है-
1. दिल्ली विश्वविद्यालय का कुलपति
2. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का अध्यक्ष
3. भारत सरकार द्वारा मनोनीत 12 सदस्य
NCERT की संरचना
NCERT का संगठन मुख्यतः तीन भागों में बँटा हुआ है-
- व्यवस्थापिका समिति
- परिषद कार्यालय
- शैक्षिक अध्यक्ष बोर्ड
एन.सी.ई.आर.टी. के कार्य
- शिक्षा के स्तर में राष्ट्रीय स्तर पर सुधार एवं वृद्धि करना।
- राष्ट्रीय स्तर पर सभी राज्यों में एक समान पाठ्यक्रम निर्धारण व शैक्षिक विकास को सुनिश्चित कर केन्द्र तथा राज्यों में समन्वय स्थापित करती है।
- विज्ञान व तकीनीकी विकास के लिए परिषद् यूनेस्को व यूनिसेफ के सहयोग से विद्यालयी शिक्षा में सुधार करना।
- परिषद कार्यरत शिक्षकों की ज्ञानवृद्धि व कौशल बढ़ाने के लिए सेमीनार व कार्यशालाओं का आयोजन।
- शिक्षा के विकास के लिए कुशल एवं सुयोग्य शिक्षक तैयार करने के उद्देश्य से शिक्षण प्रशिक्षण की व्यवस्था करना।
- परिषद विस्तार कार्यक्रमों के अन्तर्गत पुस्तकों का प्रकाशन, सर्वेक्षणों का प्रकाशन एवं पत्रिकाओं का प्रकाशन आदि कार्य करती है।
RMSA – Rashtriya Madhyamik Shiksha Abhiyan In Hindi



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