अंतिम संशोधित (Last Updated): October 21, 2026
बंडूरा का सामाजिक अधिगम सिद्धांत (Albert Bandura, Social Learning Theory) कहता है कि बालक दूसरों (मॉडल) को देखकर, उनके व्यवहार का अनुकरण करके सीखता है। इसे अवलोकनात्मक अधिगम (Observational Learning) और मॉडलिंग भी कहते हैं। इसकी चार प्रक्रियाएँ हैं: ध्यान, धारण, पुनरुत्पादन और अभिप्रेरणा। प्रसिद्ध प्रयोग: बोबो डॉल प्रयोग।
बच्चे के सामने जैसा व्यवहार रखा जाएगा, बच्चा वैसा ही व्यवहार करेगा। यही इस सिद्धांत का सार है। यह टॉपिक CTET, REET, UPTET, KVS, UGC NET आदि में बार-बार पूछा जाता है।

👤 अल्बर्ट बंडूरा और सिद्धांत की पृष्ठभूमि
अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura, 1925–2021) कनाडा में जन्मे अमेरिकी मनोवैज्ञानिक थे। अधिगम के अनेक सिद्धांत जानवरों पर प्रयोग के आधार पर बने थे, जिन्हें कक्षा में बालकों पर लागू करने में संदेह रहा। बंडूरा ने माना कि बालक अंतःक्रिया और अवलोकन से भी सीखता है, चाहे उसे सीधे पुरस्कार या दंड न मिले। इसी से सामाजिक अधिगम सिद्धांत बना। उन्होंने आगे चलकर इसे सामाजिक संज्ञानात्मक सिद्धांत (Social Cognitive Theory) कहा और आत्म-प्रभावकारिता (Self-efficacy) की अवधारणा दी।
🧸 बोबो डॉल प्रयोग (Bobo Doll Experiment)
- बच्चों को एक वयस्क मॉडल दिखाया गया जो खेल के कमरे में बोबो गुड़िया पर आक्रामक व्यवहार करता था।
- बाद में उन्हीं बच्चों ने वैसी ही स्थिति में वैसा ही आक्रामक व्यवहार किया।
- जिन बच्चों ने देखा कि आक्रामक मॉडल को दंड मिला, उन्होंने कम आक्रामकता दिखाई (प्रतिस्थापी दंड)।
- जब मॉडल को पुरस्कार या कोई दंड नहीं मिला, तो अनुकरण अधिक हुआ।
- निष्कर्ष: सीखने के लिए स्वयं पुरस्कार पाना आवश्यक नहीं; देखकर भी सीखा जा सकता है।
🔄 सामाजिक अधिगम की चार प्रक्रियाएँ
| प्रक्रिया | अर्थ | शिक्षक के लिए बात |
|---|---|---|
| 1. अवधानात्मक (Attention) | अनुकरणकर्ता का मॉडल की ओर ध्यान देना | मॉडल आकर्षक, लोकप्रिय, रोचक और सफल हो |
| 2. धारणात्मक (Retention) | देखे व्यवहार को स्मृति में बनाए रखना (प्रतिमा/शब्द रूप में) | अभ्यास और दोहराव का अवसर दें |
| 3. पुनरुत्पादनात्मक (Reproduction) | स्मृति में रखे व्यवहार को स्वयं करके दिखाना | शारीरिक क्षमता और अभ्यास आवश्यक |
| 4. अभिप्रेरणात्मक (Motivation) | अनुकरण की इच्छा, जो पुष्टिकरण (पुरस्कार) की आशा पर निर्भर है | प्रशंसा और प्रोत्साहन दें |
🎭 मॉडल की विशेषताएँ और पुष्टिकरण के प्रकार
- आदरणीय, योग्य, उच्च स्तर वाले और पुरस्कृत करने में सक्षम मॉडल का अनुकरण जल्दी होता है।
- विद्यालय में अनेक शिक्षक होते हैं, पर छात्र उसी का अनुकरण करते हैं जिसे आदर्श मानते हैं।
- शिक्षक और अभिभावक बालक के अनुकरण पर सबसे अधिक प्रभाव डालते हैं।
- प्रत्यक्ष पुष्टिकरण: स्वयं को मिलने वाला पुरस्कार।
- प्रतिस्थापी पुष्टिकरण (Vicarious): दूसरे को पुरस्कार/दंड मिलते देखना।
- स्व-पुष्टिकरण: स्वयं को अपने मानदंडों पर पुरस्कृत करना।
🏫 शैक्षिक उपयोग
- व्यक्तित्व निर्माण: आदर्श व्यवहार वाले मॉडल (कहानी, नाटक, पुस्तक, टीवी, रेडियो) प्रस्तुत करें।
- शिक्षक स्वयं मॉडल: उपदेश के बजाय स्वयं गुण अपनाएँ; कक्षा में धूम्रपान या आक्रामक व्यवहार से बचें।
- असामान्य व्यवहार में सुधार: मॉडलिंग द्वारा व्यवहार-परिवर्तन।
- बच्चा अच्छे-बुरे में अंतर नहीं कर पाता, इसलिए बुरे मॉडल को प्रस्तुत न करें।
- कौशल (जैसे प्रयोग, लेखन) सिखाने के लिए प्रदर्शन विधि का प्रयोग।
- सकारात्मक प्रतिस्थापी पुष्टिकरण: अच्छे व्यवहार वाले छात्र की सार्वजनिक प्रशंसा।
इसे जोड़कर पढ़ें: अधिगम क्या है, पियाजे का सिद्धांत, वाइगोत्सकी का सिद्धांत, कोह्लबर्ग का नैतिक विकास, अधिगम का स्थानान्तरण और व्यक्तित्व। अंग्रेज़ी में Social Learning Theory (Wikipedia) देखें।
📝 अभ्यास प्रश्न (MCQ)
पहले खुद उत्तर सोचिए, फिर “उत्तर देखें” पर क्लिक कीजिए।
(2) स्किनर
(3) बंडूरा
(4) थॉर्नडाइक
👉 उत्तर देखें
बंडूरा ने इस प्रयोग से अवलोकनात्मक अधिगम और आक्रामकता के अनुकरण को सिद्ध किया।
(2) सूझ द्वारा अधिगम
(3) प्रयास-त्रुटि अधिगम
(4) क्रियाप्रसूत अनुबंधन
👉 उत्तर देखें
इसे अनुकरण/मॉडलिंग द्वारा अधिगम भी कहते हैं।
(A) बालक मॉडल को देखकर सीखता है।
(B) इसकी चार प्रक्रियाएँ हैं: ध्यान, धारण, पुनरुत्पादन, अभिप्रेरणा।
(C) प्रतिस्थापी पुष्टिकरण में दूसरे को पुरस्कृत होते देखकर सीखा जाता है।
(D) सीखने के लिए स्वयं पुरस्कार पाना अनिवार्य है।
(2) केवल A, B और C
(3) केवल B, C और D
(4) A, B, C और D सभी
👉 उत्तर देखें
D गलत है; इस सिद्धांत के अनुसार देखकर भी सीखा जा सकता है।
कारण (R): बालक अच्छे-बुरे में अंतर न कर पाने के कारण मॉडल का बुरा व्यवहार भी अनुकरण से सीख लेता है।
(2) A और R दोनों सही, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
(3) A सही, R गलत
(4) A गलत, R सही
👉 उत्तर देखें
मॉडल का बुरा व्यवहार भी अनुकरण का विषय बन जाता है।
| सूची I (प्रक्रिया) | सूची II (अर्थ) |
|---|---|
| (A) अवधान | (I) मॉडल की ओर ध्यान देना |
| (B) धारण | (II) व्यवहार को स्मृति में रखना |
| (C) पुनरुत्पादन | (III) व्यवहार को स्वयं करना |
| (D) अभिप्रेरणा | (IV) पुष्टिकरण की आशा से अनुकरण |
(2) A-II, B-I, C-III, D-IV
(3) A-I, B-II, C-IV, D-III
(4) A-IV, B-III, C-II, D-I
👉 उत्तर देखें
चारों मिलान सही हैं।
(A) पुनरुत्पादन
(B) अवधान
(C) अभिप्रेरणा
(D) धारण
(2) B, A, D, C
(3) D, B, A, C
(4) B, D, C, A
👉 उत्तर देखें
पहले ध्यान, फिर धारण, फिर पुनरुत्पादन और अंत में अभिप्रेरणा।
❓ बंडूरा के सिद्धांत पर सवाल-जवाब (FAQ)

एम.ए., बी.एड. (नेट हिंदी), कॉलेज व्याख्याता, श्रीगंगानगर (राजस्थान)। हिंदी साहित्य चैनल के संचालक।
