बुद्धि परीक्षण – Buddhi Parikshan – INTELLIGENCE TESTING – बुद्धि परीक्षणों के प्रकार

अंतिम संशोधित (Last Updated): October 22, 2026

⚡ संक्षिप्त उत्तर
बुद्धि परीक्षण वह मापन है जिससे व्यक्ति की मानसिक योग्यता आँकी जाती है। आधुनिक शुरुआत बिने (1905) से मानी जाती है, जिन्होंने मानसिक आयु की धारणा दी। बुद्धि-लब्धि (IQ) = (मानसिक आयु ÷ वास्तविक आयु) × 100। परीक्षण तीन जोड़ियों में बाँटे जाते हैं: व्यक्तिगत/सामूहिक, शक्ति/गति और शाब्दिक/निष्पादन।
🧮
बुद्धि-लब्धि
IQ = MA/CA × 100
👤
व्यक्तिगत परीक्षण
एक समय में एक व्यक्ति
👥
सामूहिक परीक्षण
एक साथ बहुत से
🧩
निष्पादन परीक्षण
करके दिखाना
Buddhi Parikshan

जब हम किसी बच्चे को “तेज” या “कमज़ोर” कहते हैं, तो यह अंदाज़ा कितना ठोस है? मनोवैज्ञानिकों ने इसी सवाल का जवाब ढूँढने के लिए बुद्धि को नापने के तरीक़े बनाए। CTET, REET, UPTET और UGC NET में IQ का सूत्र, टरमैन की सारणी, परीक्षणों के प्रकार और भारतीय परीक्षणों के नाम बार-बार पूछे जाते हैं।

📜 बुद्धि मापन का इतिहास

  • बुद्धि मापने की कोशिशें पहले भी होती रहीं। प्राचीन भारत में बच्चे के ज्ञान की कई तरह से परीक्षा ली जाती थी। कुछ लोगों ने शरीर की बनावट से भी बुद्धि भाँपने की कोशिश की, जैसे लैवेटर और गाल जैसे पश्चिमी विद्वानों ने।
  • आधुनिक वैज्ञानिक ढंग से बुद्धि मापन की शुरुआत उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्ध में हुई, जब कैटल और गाल्टन जैसे विद्वानों ने व्यक्तिगत विभिन्नताओं को मान्यता दी।
  • 1879: वुण्ट ने पहली मनोवैज्ञानिक प्रयोगशाला बनाई। उनकी प्रेरणा से एबिंगहास और पीयरसन जैसों ने परीक्षण बनाए, पर वे बहुत साधारण योग्यताएँ नापते थे।
  • 1905: फ्रांस में एल्फ्रेड बिने यह जानना चाहते थे कि छात्रों का परीक्षा-परिणाम क्यों गिर रहा है और सफलता-असफलता किस मानसिक योग्यता पर टिकी है। उन्होंने 30 प्रश्नों वाला पहला बुद्धि परीक्षण बनाया।
  • 1908 और 1911: इसका संशोधन हुआ और “मानसिक आयु” शब्द पहली बार प्रयोग हुआ।
  • 1916: स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के टरमैन ने उल्लेखनीय संशोधन किए। इसका नाम पड़ा स्टैनफोर्ड-बिने परीक्षण।
  • 1937: टरमैन ने मेरिल की सहायता से इसे फिर संशोधित किया: टरमैन-मेरिल स्केल।
बुद्धि परीक्षण

🧮 मानसिक आयु और बुद्धि-लब्धि (IQ)

मानसिक आयु (MA) वह आयु है जो बुद्धि-परीक्षणों के औसत परिणाम से निकलती है। यह विचार बिने ने 1908 में दिया और टरमैन ने इसे अपनाया। वास्तविक आयु (CA) जन्म से अब तक की असली उम्र है।

🧠 ट्रिक: IQ = (मानसिक आयु ÷ वास्तविक आयु) × 100। भाग देने पर परिणाम दशमलव में आता है, इसलिए 100 से गुणा करके उसे पूर्णांक बनाया जाता है।

उदाहरण: वास्तविक आयु 10 वर्ष और मानसिक आयु 12 वर्ष हो, तो IQ = 12 ÷ 10 × 100 = 120।

नीचे मूल लेख के सूत्र-चित्र हैं। एक बात पर ध्यान दीजिए: कई पुस्तकों में शुरुआती अनुपात (MA/CA) को टरमैन का और 100 से गुणा वाले रूप को स्टर्न का बताया गया है, जबकि कुछ अन्य स्रोत यह श्रेय उलटा देते हैं। परीक्षा के लिए अंतिम, प्रचलित सूत्र ऊपर वाला ही याद रखिए।

टरमैन का बुध्दि लब्धि सूत्र
स्टर्न का बुद्धि लब्धि सूत्र
बुध्दि लब्धि (I.Q.)

📊 टरमैन का बुद्धि-लब्धि वर्गीकरण

बुद्धि-लब्धि (IQ)श्रेणी
25 से कमजड़ (Idiots)
25 से 50मूढ़ (Imbeciles)
50 से 70मूर्ख (Morons)
70 से 80क्षीण बुद्धि (Feeble minded)
80 से 90मंद बुद्धि (Dull)
90 से 110सामान्य (Average)
110 से 125उच्च बुद्धि (Superior)
125 से 140अति उच्च बुद्धि (Very Superior)
140 से अधिकप्रतिभाशाली / मेधावी (Genius)

ध्यान रहे कि अलग-अलग पुस्तकों में इन सीमाओं में थोड़ा अंतर मिलता है। ऊपर की सारणी प्रचलित पाठ्यपुस्तकों वाली है। सब में एक बात समान है: IQ जितना ज़्यादा, मानसिक योग्यता उतनी ज़्यादा।

🗂️ बुद्धि परीक्षणों का वर्गीकरण

आधारएक प्रकारदूसरा प्रकार
परीक्षार्थियों की संख्याव्यक्तिगत (Individual)सामूहिक (Group)
प्रश्नों और समय का स्वरूपशक्ति परीक्षण (Power)गति परीक्षण (Speed)
माध्यमशाब्दिक (Verbal)निष्पादन (Performance)

👤 व्यक्तिगत और 👥 सामूहिक परीक्षण

व्यक्तिगत परीक्षण एक समय में एक ही व्यक्ति पर होते हैं। बिने का परीक्षण और उसके सभी संशोधन, वैश्लर-वेलेव्यू परीक्षण और सभी निष्पादन परीक्षण इसी वर्ग में आते हैं। अन्य उदाहरण: बटेके तर्क-शक्ति परीक्षण, मिनेसोटा पूर्व-विद्यालय परीक्षण, मेरिल-पामर मानसिक परीक्षण, जैसिल विकास सूची और कोह्स ब्लॉक डिज़ाइन टेस्ट।

सामूहिक परीक्षण एक साथ बहुत से लोगों पर कम समय में लिए जाते हैं। ये सेना, शोध, विद्यालय और उद्योग में उपयोगी हैं और प्रायः शाब्दिक होते हैं, इसलिए इन्हें हल करने के लिए भाषा-ज्ञान चाहिए। उदाहरण: आर्मी अल्फा, आर्मी जनरल क्लासिफ़िकेशन, टरमैन ग्रुप टेस्ट ऑफ़ मेंटल मैच्योरिटी, जलोटा का सामान्य मानसिक योग्यता परीक्षण और प्रयाग मेहता का बुद्धि परीक्षण।

बिंदुव्यक्तिगत परीक्षणसामूहिक परीक्षण
उपयुक्त किसके लिएछोटे बच्चे, मानसिक रूप से बाधित और अनपढ़ व्यक्तिबड़े बच्चे और सामान्य व्यक्ति
प्रशासनयोग्य और कुशल परीक्षक चाहिएसामान्य योग्यता वाला व्यक्ति भी ले सकता है
समय और खर्चअधिक समय, अधिक साधन, महँगेकम समय में बड़ा समूह, किफ़ायती
निर्माणअपेक्षाकृत कठिनअपेक्षाकृत सरल
परीक्षक-परीक्षार्थी संबंधनिकट संबंध बनता है; भाषा-स्तर और व्यवहार भी दिखता हैकोई निकट संबंध नहीं; भाषा-स्तर और व्यवहार का पता मुश्किल
प्रेरणापरीक्षक की उपस्थिति से सजगता बनी रहती हैऐसे प्रेरक नहीं होते

⚡ शक्ति परीक्षण और गति परीक्षण

  • शक्ति परीक्षण: किसी खास क्षेत्र की ज्ञान-शक्ति की जाँच। प्रश्न धीरे-धीरे कठिन होते जाते हैं (पहला सबसे आसान, अंतिम सबसे कठिन)। समय पर ज़्यादा ज़ोर नहीं होता।
  • गति परीक्षण: सभी प्रश्नों का कठिनाई-स्तर लगभग एक-सा होता है, पर समय बहुत कम और तय होता है। तय समय में जितने प्रश्न हल हों, उतना मानसिक गति का माप होता है।

🗣️ शाब्दिक परीक्षण और निष्पादन परीक्षण

  • शाब्दिक परीक्षण: इन्हें हल करने के लिए भाषा का ज्ञान चाहिए, और इसमें संख्या-ज्ञान भी शामिल है। ये व्यक्तिगत भी हो सकते हैं, सामूहिक भी; शक्ति परीक्षण भी, गति परीक्षण भी। उदाहरण: आर्मी अल्फा, जलोटा, सोहनलाल और प्रयाग मेहता के परीक्षण।
  • निष्पादन परीक्षण: परीक्षार्थी को भाषा के बजाय कुछ करके समस्या हल करनी पड़ती है, जैसे चित्रों को क्रम में सजाना, चित्र पूरे करना, टुकड़ों से आकृति बनाना। उदाहरण: पोर्टियस भूलभुलैया (S से E तक पहुँचना), कोह्स ब्लॉक डिज़ाइन।

🇮🇳 भारत में बुद्धि परीक्षण

वर्षविद्वानपरीक्षण / कार्य
1922डॉ. सी. एच. राइसबिने टेस्ट के आधार पर पहला भारतीय परीक्षण: हिंदुस्तानी बिने टेस्ट
1932पं. लज्जाशंकर झासिंपल मेंटल टेस्ट का प्रमापीकरण (10 से 18 वर्ष के बालक)
1935वी. वी. कामथबम्बई कर्नाटक रिवीज़न ऑफ़ बिने टेस्ट (मराठी और कन्नड़)
1936डॉ. एस. जलोटाअंग्रेज़ी में सामूहिक बुद्धि परीक्षण
1937आर. आर. कुमारिया / एल. के. शाहउर्दू में सामूहिक परीक्षण / हिंदी में सामूहिक मानसिक योग्यता परीक्षण
1938सी. टी. फिलिपतमिल में सामूहिक शाब्दिक मानसिक योग्यता परीक्षण
द्वितीय विश्वयुद्ध कालडॉ. सोहनलाल45 मिनट का हिंदी बुद्धि परीक्षण
1960डॉ. एम. सी. जोशी100 पदों वाला सामान्य मानसिक योग्यता परीक्षण
1964डॉ. प्रयाग मेहतासामूहिक बुद्धि परीक्षण
1964मजूमदारवैश्लर-वेलेव्यू का बंगाली में अनुकूलन
1970श्रीमती जी. पी. शैरीवयस्क बुद्धि परीक्षण
  • अशाब्दिक परीक्षण: प्रो. पटेल ने गुडएनफ़ के “ड्रॉ-ए-मैन टेस्ट” को गुजराती में ढाला, प्रमिला पाठन ने उसे भारतीय स्थितियों के लिए अनुकूलित किया। इलाहाबाद की मनोविज्ञानशाला ने रेवन के प्रोग्रेसिव मैट्रिसेस का भारतीयकरण किया। अयोध्यानाथ मिश्र ने ह्यूमन फ़िगर ड्रॉइंग टेस्ट का प्रमापीकरण किया (1966)।
  • निष्पादन परीक्षण: गोडार्ड फ़ॉर्म बोर्ड (पटेल और पानवाला, गुजराती), ड्रॉ-ए-मैन टेस्ट (उदयपुर के डॉ. श्रीमाली) और कोह्स ब्लॉक डिज़ाइन टेस्ट (मनोविज्ञानशाला, इलाहाबाद) का भारतीयकरण हुआ।
🧠 ट्रिक: “बिने 1905 → टरमैन 1916 → राइस 1922 (भारत)”। तीन तारीख़ें याद हों तो कालक्रम वाले प्रश्न आसान हो जाते हैं।

इसे जोड़कर पढ़ें: बुद्धि क्या है, बुद्धि के सिद्धांत, गिलफ़ोर्ड का बुद्धि सिद्धांत, स्टर्नबर्ग का त्रितंत्र सिद्धांत और संवेगात्मक बुद्धि।

📝 अभ्यास प्रश्न (MCQ)

पहले खुद उत्तर सोचिए, फिर “उत्तर देखें” पर क्लिक कीजिए।

प्रश्न 1. “मानसिक आयु” शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम किसने किया?
(1) बिने
(2) टरमैन
(3) वैश्लर
(4) कैटल
👉 उत्तर देखें
उत्तर: (1) बिने
बिने ने 1908 में मानसिक आयु की धारणा दी।
प्रश्न 2. किसी बालक की वास्तविक आयु 8 वर्ष और मानसिक आयु 10 वर्ष है। उसकी बुद्धि-लब्धि क्या होगी?
(1) 80
(2) 100
(3) 125
(4) 150
👉 उत्तर देखें
उत्तर: (3) 125
IQ = (10 ÷ 8) × 100 = 125।
प्रश्न 3. बुद्धि परीक्षणों के बारे में कथन:
(A) व्यक्तिगत परीक्षण एक समय में एक ही व्यक्ति पर लिए जाते हैं।
(B) सामूहिक परीक्षण प्रायः शाब्दिक होते हैं।
(C) सभी निष्पादन परीक्षण सामूहिक होते हैं।
(D) गति परीक्षण में प्रश्नों का कठिनाई-स्तर प्रायः समान रहता है।
(1) केवल A और B
(2) केवल A, B और C
(3) केवल A, B और D
(4) A, B, C और D सभी
👉 उत्तर देखें
उत्तर: (3) केवल A, B और D
C गलत है। निष्पादन परीक्षण व्यक्तिगत होते हैं।
प्रश्न 4. सूची I (परीक्षण) को सूची II (वर्ष) से सुमेलित कीजिए:

सूची Iसूची II
(A) बिने का पहला परीक्षण(I) 1905
(B) स्टैनफोर्ड-बिने परीक्षण(II) 1916
(C) टरमैन-मेरिल स्केल(III) 1937
(D) हिंदुस्तानी बिने टेस्ट(IV) 1922
(1) A-I, B-II, C-III, D-IV
(2) A-II, B-I, C-III, D-IV
(3) A-I, B-II, C-IV, D-III
(4) A-I, B-IV, C-II, D-III
👉 उत्तर देखें
उत्तर: (1) A-I, B-II, C-III, D-IV
बिने का पहला परीक्षण 1905, स्टैनफोर्ड-बिने 1916, टरमैन-मेरिल 1937 और हिंदुस्तानी बिने टेस्ट 1922।
प्रश्न 5. अभिकथन (A): गति परीक्षण में प्रश्नों का कठिनाई-स्तर लगभग एक-सा रहता है।
कारण (R): इनमें तय समय में हल किए गए प्रश्नों की संख्या से मानसिक गति नापी जाती है।
(1) A और R दोनों सही, R, A की सही व्याख्या है
(2) A और R दोनों सही, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
(3) A सही, R गलत
(4) A गलत, R सही
👉 उत्तर देखें
उत्तर: (2) A और R दोनों सही, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
दोनों कथन सही हैं, पर R गति परीक्षण का उद्देश्य बताता है, कठिनाई-स्तर समान रहने का कारण नहीं।
प्रश्न 6. घटनाओं का सही कालक्रम चुनिए:
(A) हिंदुस्तानी बिने टेस्ट
(B) बिने का पहला परीक्षण
(C) स्टैनफोर्ड-बिने परीक्षण
(D) टरमैन-मेरिल स्केल
(1) B, C, A, D
(2) B, A, C, D
(3) A, B, C, D
(4) B, C, D, A
👉 उत्तर देखें
उत्तर: (1) B, C, A, D
1905 (बिने), 1916 (स्टैनफोर्ड-बिने), 1922 (हिंदुस्तानी बिने), 1937 (टरमैन-मेरिल)।

❓ बुद्धि परीक्षण पर सवाल-जवाब (FAQ)

1. बुद्धि-लब्धि (IQ) क्या है?
बुद्धि-लब्धि मानसिक आयु और वास्तविक आयु का अनुपात है, जिसे 100 से गुणा किया जाता है: IQ = (मानसिक आयु ÷ वास्तविक आयु) × 100।
2. पहला बुद्धि परीक्षण किसने बनाया?
1905 में फ्रांस के एल्फ्रेड बिने ने 30 प्रश्नों वाला पहला आधुनिक बुद्धि परीक्षण बनाया।
3. व्यक्तिगत और सामूहिक बुद्धि परीक्षण में क्या अंतर है?
व्यक्तिगत परीक्षण एक समय में एक ही व्यक्ति पर होते हैं और अधिक समय व खर्च माँगते हैं। सामूहिक परीक्षण एक साथ बहुत लोगों पर कम समय में लिए जाते हैं और अधिकतर शाब्दिक होते हैं।
4. शक्ति परीक्षण और गति परीक्षण क्या हैं?
शक्ति परीक्षण में प्रश्न क्रमशः कठिन होते हैं और समय पर कम ज़ोर होता है। गति परीक्षण में प्रश्न समान कठिनाई के होते हैं और तय समय में जितने हल हों उससे मानसिक गति नापी जाती है।
5. भारत में पहला बुद्धि परीक्षण कब बना?
1922 में डॉ. सी. एच. राइस ने बिने टेस्ट के आधार पर हिंदुस्तानी बिने टेस्ट बनाया।

केवल कृष्ण घोड़ेला

केवल कृष्ण घोड़ेला
एम.ए., बी.एड. (नेट हिंदी), कॉलेज व्याख्याता, श्रीगंगानगर (राजस्थान)। हिंदी साहित्य चैनल के संचालक।

लेखक: केवल कृष्ण घोड़ेला

एम.ए., बी.एड., नेट (हिंदी) | कॉलेज व्याख्याता, श्रीगंगानगर (राजस्थान) | संस्थापक, GK Hub

इस लेख की जानकारी पाठ्यपुस्तकों और आधिकारिक स्रोतों से मिलाकर लिखी गई है। कोई त्रुटि मिले तो हमें बताएँ | संपादकीय नीति | About Us

Leave a Comment