स्मृति (Memory) क्या है? अर्थ, सोपान, प्रकार और विस्मरण | Smriti in Hindi, Psychology

अंतिम संशोधित (Last Updated): October 21, 2026

⚡ संक्षिप्त उत्तर
स्मृति (Memory) सीखे हुए अनुभवों को संचित रखने और ज़रूरत पड़ने पर वापस लाने की मानसिक क्रिया है। इसके चार सोपान हैं: अधिगम → धारण → प्रत्यास्मरण → अभिज्ञान। स्मृति मुख्यतः तीन प्रकार की मानी जाती है: संवेदी, अल्पकालिक और दीर्घकालिक (एटकिंसन-शिफ़्रिन मॉडल)।
📥
4 सोपान
अधिगम, धारण, प्रत्यास्मरण, अभिज्ञान
⏱️
3 स्मृतियाँ
संवेदी, अल्पकालिक, दीर्घकालिक
🔢
7 ± 2
अल्पकालिक स्मृति की क्षमता (मिलर)
📉
एबिंगहॉस
विस्मरण वक्र

स्मृति शिक्षा मनोविज्ञान का बुनियादी टॉपिक है और UGC NET, REET, CTET, KVS और सभी शिक्षक परीक्षाओं में पूछा जाता है। नीचे अर्थ, परिभाषाएँ, सोपान, प्रकार, विधियाँ, विस्मरण, सुधार के उपाय, MCQ और FAQ हैं।

स्मृति (MEMORY)

🧠 स्मृति क्या है? अर्थ और परिभाषाएँ

मनोवैज्ञानिकों के अनुसार स्मृति कोई अलग मानसिक शक्ति नहीं, बल्कि एक मानसिक क्रिया है। व्यक्ति जो अनुभव सीखता है, वे संचित होते हैं और आवश्यकता पड़ने पर उनका स्मरण करके वह समस्याओं का समाधान और समायोजन करता है। अचेतन मन में संचित अनुभवों को चेतन मन में लाने की प्रक्रिया ही स्मृति है।

विद्वानपरिभाषा
स्टाउटस्मृति एक आदर्श पुनःस्मरण है, जिसमें पूर्व अनुभव उसी क्रम और ढंग से जाग्रत होते हैं जैसे वे पहले उपस्थित हुए थे।
वुडवर्थपहले सीखी गई बातों को याद रखना ही स्मृति है।
रायबर्नजिस शक्ति से हम अनुभवों को संचित करते हैं और बाद में उन्हें फिर चेतना में लाते हैं, वही स्मृति है।

🪜 स्मृति के चार सोपान

सोपानअर्थप्रभावित करने वाले तत्व
1. अधिगम (Learning)सीखना; बिना सीखे स्मरण संभव नहींअभ्यास, अधिगम के नियमों का पालन
2. धारण (Retention)सीखे गए अनुभवों का संचित रहनारुचि, ध्यान, सीखने की विधि, सामग्री की मात्रा, अभ्यास
3. प्रत्यास्मरण (Recall)संचित अनुभव को चेतन मन में वापस लानास्वास्थ्य (मानसिक/शारीरिक), संकेत, प्रयत्न, सुखद/दुखद अनुभूति
4. अभिज्ञान (Recognition)पहले अनुभव की गई चीज़ को देखकर पहचान लेनासाहचर्य का नियम
🧠 ट्रिक: “अ-धा-प्र-अ” = अधिगम, धारण, प्रत्यास्मरण, अभिज्ञान। Recall (याद करना) कठिन है, Recognition (पहचानना) आसान; इसलिए MCQ में सही विकल्प पहचानना निबंध लिखने से आसान लगता है।

⏱️ स्मृति के प्रकार

1. सूचना-प्रक्रमण के आधार पर (एटकिंसन-शिफ़्रिन मॉडल, 1968)

प्रकारअवधि/क्षमतामुख्य बातें
संवेदी स्मृति (Sensory)कुछ सेकंड से भी कमदृश्य (आइकॉनिक) लगभग आधा सेकंड, श्रव्य (इकोइक) कुछ सेकंड
अल्पकालिक स्मृति (STM)लगभग 15-30 सेकंड; क्षमता लगभग 7 ± 2 इकाइयाँ (जॉर्ज मिलर, 1956)दोहराने (rehearsal) से लंबे समय तक रह सकती है
दीर्घकालिक स्मृति (LTM)वर्षों/आजीवन; असीमित मानी जाती हैस्पष्ट (घोषणात्मक) और अस्पष्ट (प्रक्रियात्मक) में विभाजित
  • स्पष्ट स्मृति (Explicit): तथ्य और घटनाएँ। यह शब्दार्थ (Semantic) (तथ्य, जैसे “भारत की राजधानी दिल्ली है”) और घटनात्मक (Episodic) (निजी घटनाएँ) में बँटी है। इन दोनों शब्दों को एंडेल टल्विंग ने दिया।
  • अस्पष्ट/प्रक्रियात्मक (Implicit/Procedural): साइकिल चलाना, टाइप करना जैसे कौशल।
  • कार्यकारी स्मृति (Working Memory): बैडली और हिच (1974) के अनुसार अल्पकालिक स्मृति का सक्रिय रूप, जिसमें केंद्रीय कार्यकारी, ध्वनि-लूप और दृश्य-स्थानिक स्केचपैड होते हैं।

2. शिक्षा में प्रचलित वर्गीकरण (पारंपरिक पाठ्यपुस्तकों के अनुसार)

प्रकारअर्थ
तात्कालिक स्मृतिलघु अवधि; अनुभव लंबे समय तक धारण नहीं होता
स्थायी स्मृतिअनुभव दीर्घ अवधि तक धारण रहता है
यान्त्रिक स्मृतिबिना प्रयास के स्वाभाविक रूप से प्रत्यास्मरण
तार्किक स्मृतितर्क-वितर्क के साथ याद करना
सक्रिय स्मृतिप्रयास करके याद करना (जैसे परीक्षा भवन में)
निष्क्रिय स्मृतिबिना प्रयास के याद आना

📚 स्मरण की विधियाँ

विधिअर्थ
पूर्ण विधिपाठ को शुरू से अंत तक पढ़कर याद करना (सार्थक और छोटी सामग्री में उपयोगी)
आंशिक विधिपाठ को टुकड़ों में बाँटकर याद करना (लंबी सामग्री में उपयोगी)
निरंतर विधिबिना अंतराल के लगातार दोहराना
सान्तर विधिअंतराल देकर दोहराना (स्थायी स्मृति के लिए बेहतर)
साहचर्य विधिपहले से ज्ञात बातों से जोड़कर याद करना
कण्ठस्थ विधिबिना अर्थ समझे रटना

📉 विस्मरण (Forgetting)

  • एबिंगहॉस (1885) ने विस्मरण वक्र दिया। सीखने के तुरंत बाद भूलना सबसे तेज़ होता है, फिर धीमा पड़ता है।
  • कारण: क्षय (decay), व्यतिकरण (नई बात पुरानी को या पुरानी नई को बाधित करे: पूर्वोन्मुखी और पश्चोन्मुखी), प्रत्यास्मरण में असफलता, और प्रेरित विस्मरण (फ्रायड का दमन)।
  • सार्थक सामग्री निरर्थक सामग्री की तुलना में कम भूली जाती है।

💡 स्मृति सुधारने के उपाय (स्मृति प्रशिक्षण)

  • उद्देश्य स्पष्ट करना: उद्देश्य पता हो तो सामग्री जल्दी याद होती है।
  • सार्थक सामग्री और अर्थ का स्पष्टीकरण।
  • संबंध स्थापित करना: पूर्व अनुभवों और अन्य विषयों से जोड़ना।
  • अंतराल पर दोहराना: सान्तर विधि और पुनरावृत्ति।
  • स्मरण-सहायक तकनीकें (Mnemonics): संक्षिप्त रूप, कहानी, चित्र।
  • विश्राम और नींद: थकान स्मरण में बाधा डालती है।
  • रुचि और ध्यान बढ़ाना।

स्मृति का सीखने से गहरा संबंध है। सीखने की प्रक्रिया के लिए अधिगम क्या है और अधिगम का स्थानान्तरण पढ़ें। सोचने की प्रक्रिया के लिए चिंतन का अर्थ और प्रकार, भावनाओं के प्रभाव के लिए संवेग और प्रेरणा के लिए अभिप्रेरणा के सिद्धांत देखें।

📝 अभ्यास प्रश्न (MCQ)

पहले खुद उत्तर सोचिए, फिर “उत्तर देखें” पर क्लिक कीजिए।

प्रश्न 1. स्मृति का सही सोपान-क्रम कौन-सा है?
(1) धारण, अधिगम, प्रत्यास्मरण, अभिज्ञान
(2) अधिगम, धारण, प्रत्यास्मरण, अभिज्ञान
(3) अधिगम, प्रत्यास्मरण, धारण, अभिज्ञान
(4) अभिज्ञान, अधिगम, धारण, प्रत्यास्मरण
👉 उत्तर देखें
उत्तर: (2) अधिगम, धारण, प्रत्यास्मरण, अभिज्ञान
पहले सीखना, फिर संचित रखना, फिर याद करना और अंत में पहचानना।
प्रश्न 2. विस्मरण वक्र किसने दिया?
(1) वुडवर्थ
(2) एबिंगहॉस
(3) मिलर
(4) बैडली
👉 उत्तर देखें
उत्तर: (2) एबिंगहॉस
हरमन एबिंगहॉस ने 1885 में विस्मरण वक्र दिया।
प्रश्न 3. स्मृति के बारे में कथन:
(A) स्मृति एक मानसिक क्रिया है।
(B) अल्पकालिक स्मृति की क्षमता लगभग 7 ± 2 इकाइयाँ मानी जाती है।
(C) दीर्घकालिक स्मृति में स्पष्ट और अस्पष्ट स्मृतियाँ आती हैं।
(D) संवेदी स्मृति घंटों तक रहती है।
(1) केवल A और B
(2) केवल A, B और C
(3) केवल B, C और D
(4) A, B, C और D सभी
👉 उत्तर देखें
उत्तर: (2) केवल A, B और C
D गलत है; संवेदी स्मृति कुछ सेकंड से भी कम समय रहती है।
प्रश्न 4. कथन I: प्रत्यास्मरण की तुलना में अभिज्ञान सामान्यतः आसान होता है।
कथन II: अभिज्ञान में संकेत के रूप में वस्तु या विकल्प सामने उपस्थित होता है।
(1) दोनों सही और II, I की सही व्याख्या है
(2) दोनों सही, पर II, I की सही व्याख्या नहीं है
(3) I सही, II गलत
(4) I गलत, II सही
👉 उत्तर देखें
उत्तर: (1) दोनों सही और II, I की सही व्याख्या है
सामने उपस्थित संकेत के कारण पहचानना, खाली दिमाग से याद करने की तुलना में आसान होता है।
प्रश्न 5. सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए:

सूची Iसूची II
(A) पूर्ण विधि(I) पाठ शुरू से अंत तक
(B) आंशिक विधि(II) टुकड़ों में बाँटकर
(C) सान्तर विधि(III) अंतराल देकर दोहराना
(D) कण्ठस्थ विधि(IV) बिना अर्थ के रटना
(1) A-I, B-II, C-III, D-IV
(2) A-II, B-I, C-III, D-IV
(3) A-I, B-II, C-IV, D-III
(4) A-IV, B-III, C-II, D-I
👉 उत्तर देखें
उत्तर: (1) A-I, B-II, C-III, D-IV
चारों मिलान स्मरण की विधियों की परिभाषा के अनुसार सही हैं।
प्रश्न 6. एटकिंसन-शिफ़्रिन मॉडल के अनुसार सूचना किस क्रम में गुज़रती है?
(A) दीर्घकालिक स्मृति
(B) संवेदी स्मृति
(C) अल्पकालिक स्मृति
(1) B, C, A
(2) C, B, A
(3) B, A, C
(4) A, B, C
👉 उत्तर देखें
उत्तर: (1) B, C, A
संवेदी → अल्पकालिक → दीर्घकालिक स्मृति।

❓ स्मृति पर सवाल-जवाब (FAQ)

1. स्मृति क्या है?
सीखे हुए अनुभवों को संचित रखने और ज़रूरत पर उन्हें वापस चेतन मन में लाने की मानसिक क्रिया को स्मृति कहते हैं।
2. स्मृति के कितने सोपान होते हैं?
चार: अधिगम, धारण, प्रत्यास्मरण और अभिज्ञान।
3. अल्पकालिक और दीर्घकालिक स्मृति में क्या अंतर है?
अल्पकालिक स्मृति कुछ सेकंड तक और सीमित क्षमता की होती है, जबकि दीर्घकालिक स्मृति वर्षों या आजीवन चल सकती है।
4. विस्मरण के मुख्य कारण क्या हैं?
क्षय, व्यतिकरण, प्रत्यास्मरण में असफलता और प्रेरित विस्मरण।
5. स्मृति कैसे सुधारी जा सकती है?
उद्देश्य स्पष्ट करके, अर्थ समझकर, पूर्व ज्ञान से जोड़कर, अंतराल पर दोहराकर और पर्याप्त विश्राम लेकर।

केवल कृष्ण घोड़ेला

केवल कृष्ण घोड़ेला
एम.ए., बी.एड. (नेट हिंदी), कॉलेज व्याख्याता, श्रीगंगानगर (राजस्थान)। हिंदी साहित्य चैनल के संचालक।

लेखक: केवल कृष्ण घोड़ेला

एम.ए., बी.एड., नेट (हिंदी) | कॉलेज व्याख्याता, श्रीगंगानगर (राजस्थान) | संस्थापक, GK Hub

इस लेख की जानकारी पाठ्यपुस्तकों और आधिकारिक स्रोतों से मिलाकर लिखी गई है। कोई त्रुटि मिले तो हमें बताएँ | संपादकीय नीति | About Us

Leave a Comment