जीन पियाजे का संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत: 4 अवस्थाएँ, प्रत्यय और ट्रिक | Piaget Theory in Hindi

Jin piyaje ka sidhant

जीन पियाजे का संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत (Piaget Theory in Hindi): चार अवस्थाएँ, स्कीमा, आत्मसातीकरण, समायोजन, संरक्षण, ट्रिक, आलोचना, MCQ और FAQ।

बंडूरा का सामाजिक अधिगम सिद्धांत: बोबो डॉल प्रयोग, 4 प्रक्रियाएँ और ट्रिक | Bandura Theory in Hindi

Bandura ka Samajik Adhigam ka Siddhant

बंडूरा का सामाजिक अधिगम सिद्धांत (Bandura Social Learning Theory in Hindi): बोबो डॉल प्रयोग, अवलोकनात्मक अधिगम, ध्यान-धारण-पुनरुत्पादन-अभिप्रेरणा, शैक्षिक उपयोग, MCQ और FAQ।

अभिवृद्धि और विकास का अर्थ, परिभाषा और अंतर – Difference Between Growth and Development

abhivriddhi-vikas-arth

⚡ संक्षिप्त उत्तरअभिवृद्धि का मतलब है शरीर और उसके अंगों का आकार, लंबाई, भार बढ़ना, जिसे नापा-तौला जा सकता है। विकास इससे बड़ी चीज़ है: इसमें शरीर के साथ सोच, भावना, भाषा और व्यवहार के सभी बदलाव आते हैं। अभिवृद्धि एक उम्र के बाद रुक जाती है, पर विकास गर्भ से मृत्यु तक चलता रहता … Read more

संवेग का अर्थ , संवेगों की विशेषताएँ , संवेगात्मक विकास

संवेग क्या है

⚡ संक्षिप्त उत्तरसंवेग (Emotion) व्यक्ति की वह भावनात्मक उत्तेजित अवस्था है जिसके साथ शरीर में बदलाव आते हैं और जो व्यवहार में दिखाई देती है, जैसे क्रोध में चेहरा तमतमाना। शब्द लैटिन के Emovere (उत्तेजित करना) से बना है। शिशु में जन्म के समय केवल उत्तेजना होती है, और दो वर्ष तक लगभग सभी संवेग … Read more

Abhiprerna ke Siddhant – अभिप्रेरणा के सिद्धान्त -MOTIVATION

abhiprerna ke siddhant

⚡ संक्षिप्त उत्तरअभिप्रेरणा वह भीतरी शक्ति है जो व्यवहार को शुरू करती, दिशा देती और बनाए रखती है। इसके प्रमुख सिद्धांत हैं: मैक्डूगल का मूल प्रवृत्ति सिद्धांत, लेविन का क्षेत्र सिद्धांत, फ्रायड का मनोविश्लेषणवादी सिद्धांत, मोर्गन का केंद्रीय अवस्था सिद्धांत, मैस्लो का आवश्यकता-पदानुक्रम, मरे का आवश्यकता सिद्धांत, मैक्लीलैंड का निष्पत्ति प्रेरक सिद्धांत और रोजर्स का … Read more

समायोजन – अर्थ, परिभाषा, कारण, प्रकार एवं मनोरचनायें

समायोजन क्या है

⚡ संक्षिप्त उत्तरसमायोजन (Adjustment) वह प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति अपनी आवश्यकताओं और उन्हें पूरा करने वाली परिस्थितियों/पर्यावरण के बीच संतुलन बनाता है। संतुलन न बन पाए तो भग्नाशा (Frustration) पैदा होती है और व्यक्ति कुसमायोजन की ओर जा सकता है। तनाव से बचने के लिए हम मनोरचनाओं (दमन, प्रक्षेपण, युक्तिकरण, क्षतिपूर्ति आदि) का सहारा लेते … Read more

बुद्धि परीक्षण – Buddhi Parikshan – INTELLIGENCE TESTING – बुद्धि परीक्षणों के प्रकार

Buddhi Parikshan

⚡ संक्षिप्त उत्तरबुद्धि परीक्षण वह मापन है जिससे व्यक्ति की मानसिक योग्यता आँकी जाती है। आधुनिक शुरुआत बिने (1905) से मानी जाती है, जिन्होंने मानसिक आयु की धारणा दी। बुद्धि-लब्धि (IQ) = (मानसिक आयु ÷ वास्तविक आयु) × 100। परीक्षण तीन जोड़ियों में बाँटे जाते हैं: व्यक्तिगत/सामूहिक, शक्ति/गति और शाब्दिक/निष्पादन। 🧮 बुद्धि-लब्धि IQ = MA/CA … Read more

Top 7 बुद्धि के सिद्धान्त – Buddhi ke Siddhant | THEORIES OF INTELLIGENCE

buddhi ke siddhant

दोस्तो हमने पिछले आर्टिकल में बुद्धि का अर्थ और परिभाषाएं पढ़ी और आज के आर्टिकल में हम बुद्धि के सिद्धांतो (Buddhi ke Siddhant) के बारे में विस्तार से जानेंगे । अलग -अलग मनोविज्ञानिको  के अनुसार अलग – अलग बुद्धि के सिद्धांत दिए गए है । आज हम बुद्धि के निम्न सिद्धांतों को समझेंगे। बिने का … Read more

Buddhi ki Paribhasha Or Arth – बुद्धि क्या है ?

buddhi ki paribhasha

आज के आर्टिकल में हम मनोविज्ञान के महत्त्वपूर्ण विषय बुद्धि का अर्थ व इसकी परिभाषाओं (Buddhi ki Paribhasha) का अध्ययन करेंगे । बुद्धि क्या है ? ⇒ बुद्धि का अर्थ – Buddhi Ka Arth बुद्धि को परिभाषित करने में शक्ति-मनोविज्ञान के उपरान्त स्टर्न (Stern) ने तथा उन्होंने बुद्धि की परिभाषा देते हुए कहा-’बुद्धि एक व्यक्ति … Read more

Vyaktitva ke Prakar – व्यक्तित्व के प्रकार || मनोविज्ञान REET,CTET,RPSC

Vyaktitva ke Prakar

आज के आर्टिकल में हम मनोविज्ञान के अंतर्गत व्यक्तित्व के प्रकार (Vyaktitva ke Prakar) को अच्छी तरह से पढेंगे । व्यक्तित्व के प्रकार हम व्यक्तित्व के प्रकारों का अध्ययन कर व्यक्तित्व को समझने की चेष्टा करते हैं। इस विधि से व्यक्तित्व को समझने के लिए विभिन्न मनोवैज्ञानिकों ने व्यक्तित्व का श्रेणी-विभाजन अलग-अलग प्रकार से किया। … Read more