अंतिम संशोधित (Last Updated): October 21, 2026
चार्टर एक्ट 1833 (Charter Act 1833) ब्रिटिश संसद का वह अधिनियम है जिसने ईस्ट इंडिया कंपनी का चार्टर 20 वर्ष बढ़ाया, कंपनी के व्यापारिक अधिकार समाप्त कर उसे केवल प्रशासनिक संस्था बनाया और बंगाल के गवर्नर जनरल को “भारत का गवर्नर जनरल” बना दिया। लॉर्ड विलियम बेंटिक भारत के पहले गवर्नर जनरल बने। इसे सेंट हेलेना एक्ट भी कहते हैं।
चार्टर एक्ट 1833 UPSC, RAS, REET, SSC और सभी राज्य परीक्षाओं में पूछा जाता है। नीचे पृष्ठभूमि, प्रमुख प्रावधान, तुलना तालिका, ट्रिक, MCQ और FAQ हैं।
📜 चार्टर एक्ट 1833 क्या है?
1813 के चार्टर के बाद भारत में कंपनी का साम्राज्य तेज़ी से बढ़ा। 1833 का चार्टर एक्ट कंपनी का तीसरा चार्टर अधिनियम था। इस पर इंग्लैंड की औद्योगिक क्रांति, मुक्त व्यापार (Laissez-faire) और उदारवादी विचारों की छाप थी। जेम्स मिल, बेंथम और मैकाले जैसे विचारकों का प्रभाव माना जाता है। ब्रिटेन को अपने उत्पादित माल के लिए बाज़ार और कच्चे माल के लिए भारत चाहिए था, जिससे कंपनी के एकाधिकार का विरोध बढ़ा।
इसे भारत सरकार अधिनियम 1833 और सेंट हेलेना अधिनियम भी कहते हैं, क्योंकि दक्षिण अटलांटिक के सेंट हेलेना द्वीप को कंपनी से ब्रिटिश क्राउन को सौंप दिया गया। यह अधिनियम अगस्त 1833 में पारित हुआ। उस समय गवर्नर जनरल विलियम बेंटिक थे।
✅ मुख्य प्रावधान
| क्षेत्र | प्रावधान |
|---|---|
| चार्टर अवधि | कंपनी का शासन-अधिकार 20 वर्ष के लिए बढ़ाया गया |
| गवर्नर जनरल | “बंगाल का गवर्नर जनरल” अब “भारत का गवर्नर जनरल”; विलियम बेंटिक पहले भारत के गवर्नर जनरल |
| केंद्रीकरण | बंगाल, मद्रास, बंबई प्रेसीडेंसियों की विधायी शक्ति समाप्त; पूरे ब्रिटिश भारत पर कानून का अधिकार गवर्नर जनरल की परिषद को |
| विधि सदस्य | परिषद में चौथा “विधि सदस्य” जोड़ा गया (पहले मैकाले); उसे बैठक में बोलने का अधिकार था, मतदान का नहीं |
| कानूनों का नाम | पहले के “रेगुलेशन” की जगह नए कानून “एक्ट” कहलाए |
| विधि आयोग | 1834 में मैकाले की अध्यक्षता में, कानूनों के संहिताकरण के लिए; 1837 में IPC का प्रारूप, 1860 में लागू |
| वित्त | पूरे देश का एक बजट; राजस्व और व्यय पर केंद्र का नियंत्रण |
| कंपनी का स्वरूप | चीन व्यापार और चाय का एकाधिकार समाप्त; कंपनी की संपत्ति ट्रस्ट के रूप में क्राउन के नाम; कंपनी अब विशुद्ध प्रशासनिक संस्था |
| सेवाएँ | धारा 87: धर्म, जन्मस्थान, वंश या रंग के आधार पर पद से वंचित न करना (डायरेक्टरों के विरोध से व्यवहार में लागू नहीं) |
| दासता | दास प्रथा पर सुधार की बात; भारत में अंततः 1843 के अधिनियम (एलनबरो के समय) से समाप्त |
| यूरोपीय | यूरोपीय लोगों को बिना अनुमति भारत आने, बसने और भूमि खरीदने की छूट |
| धार्मिक | ईसाई मिशनरियों के प्रवेश की अनुमति; प्रशासन में धार्मिक विभाग |
🔁 1813, 1833 और 1853 के चार्टर की तुलना
| एक्ट | मुख्य बात |
|---|---|
| चार्टर एक्ट 1813 | कंपनी का भारत व्यापार एकाधिकार समाप्त (चाय व चीन को छोड़कर); शिक्षा के लिए ₹1 लाख वार्षिक |
| चार्टर एक्ट 1833 | कंपनी का पूरा व्यापार समाप्त; भारत का गवर्नर जनरल; केंद्रीकरण; विधि सदस्य |
| चार्टर एक्ट 1853 | अंतिम चार्टर एक्ट; खुली प्रतियोगिता से सिविल सेवा की व्यवस्था; विधायी परिषद का विस्तार |
🏛️ चार्टर एक्ट 1833 का महत्व
- कंपनी का व्यापारिक रूप समाप्त और शासन का रूप स्थापित हुआ।
- विधायी शक्ति का केंद्रीकरण; भारत में कानून निर्माण की नींव।
- विधि आयोग से कानूनों के संहिताकरण का मार्ग (आगे चलकर IPC)।
- ब्रिटिश संसद का भारतीय मामलों पर नियंत्रण बढ़ा।
- भारतीयों की भागीदारी का सिद्धांत लिखित हुआ, पर व्यवहार में नहीं।
इतिहास की इस कड़ी को समझने के लिए प्लासी का युद्ध, बक्सर का युद्ध, साइमन कमीशन, माउंटबेटन योजना और स्वतंत्रता आंदोलन के महत्वपूर्ण प्रश्न भी पढ़ें।
📝 अभ्यास प्रश्न (MCQ)
पहले खुद उत्तर सोचिए, फिर “उत्तर देखें” पर क्लिक कीजिए।
(2) लॉर्ड विलियम बेंटिक
(3) लॉर्ड डलहौजी
(4) वारेन हेस्टिंग्स
👉 उत्तर देखें
1833 के एक्ट से बंगाल का गवर्नर जनरल, भारत का गवर्नर जनरल बना; बेंटिक पहले थे।
(2) पिट्स इंडिया एक्ट
(3) रेगुलेटिंग एक्ट
(4) पिट बिल
👉 उत्तर देखें
सेंट हेलेना द्वीप कंपनी से क्राउन को हस्तांतरित हुआ।
(A) कंपनी का चार्टर 20 वर्ष बढ़ा।
(B) कंपनी के व्यापारिक अधिकार समाप्त हुए।
(C) परिषद में विधि सदस्य जोड़ा गया।
(D) पहली बार भारत में खुली प्रतियोगिता से IAS भर्ती शुरू हो गई।
(2) केवल A, B और C
(3) केवल B, C और D
(4) A, B, C और D सभी
👉 उत्तर देखें
D गलत; धारा 87 का सिद्धांत डायरेक्टरों के विरोध से लागू नहीं हुआ, खुली प्रतियोगिता 1853 के एक्ट से आई।
कारण (R): मद्रास और बंबई की विधायी शक्तियाँ समाप्त कर गवर्नर जनरल की परिषद को सर्वोच्च बनाया गया।
(2) A और R दोनों सही, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
(3) A सही, R गलत
(4) A गलत, R सही
👉 उत्तर देखें
प्रेसीडेंसियों से कानून बनाने की शक्ति हटकर केंद्र के पास आ गई।
| सूची I | सूची II |
|---|---|
| (A) 1813 का चार्टर एक्ट | (I) कंपनी का व्यापार एकाधिकार समाप्त (चाय/चीन छोड़कर) |
| (B) 1833 का चार्टर एक्ट | (II) भारत का गवर्नर जनरल, विधि सदस्य |
| (C) 1834 | (III) मैकाले की अध्यक्षता में विधि आयोग |
| (D) 1860 | (IV) IPC का लागू होना |
(2) A-II, B-I, C-III, D-IV
(3) A-I, B-II, C-IV, D-III
(4) A-IV, B-III, C-II, D-I
👉 उत्तर देखें
चारों मिलान सही हैं।
(A) चार्टर एक्ट 1853
(B) चार्टर एक्ट 1813
(C) पिट्स इंडिया एक्ट 1784
(D) चार्टर एक्ट 1833
(2) B, C, D, A
(3) C, D, B, A
(4) B, D, C, A
👉 उत्तर देखें
1784 → 1813 → 1833 → 1853।
❓ चार्टर एक्ट 1833 पर सवाल-जवाब (FAQ)

एम.ए., बी.एड. (नेट हिंदी), कॉलेज व्याख्याता, श्रीगंगानगर (राजस्थान)। हिंदी साहित्य चैनल के संचालक।
